जब देशसेवा कर बॉर्डर से लौटा जवान तो गांव वालों ने दिया सम्मान, हथेलियां पर चलवाकर किया स्वागत

New Delhi: नीमच जिले में एक अनोखा नजारा देखने तब मिला जब एक फौजी के 17 साल बाद रिटायरमेंट होकर अपने गांव पहुंचा तो गांव वालों ने उसका अनोखा स्वागत किया. वहां मौजूद लोगों ने फौजी को अपनी हथेलियों पर चलवाया. अपने गांव वालों का इतना प्रेम देखकर फौजी विजय बहादुर सिंह के पास अपने गांव वालों के लिए शब्द ही कम पड़ गए.

17 साल की देश सेवा कर लौटे
बता दें कि नीमच जिले के जीरन गांव से 60 लोग फौज में नौकरी कर रहे हैं. इन्हीं में से एक फौजी विजय बहादुर सिंह अपनी 17 साल की देश सेवा से रिटायर्ड होकर जब अपने गाँव पहुंचे तो गाँव के लोगो ने उन्हें जबरजस्त स्वागत किया.

हथेलियों पर चलकर मंदिर पहुंचे
फौजी विजय बहादुर जब सबसे पहले अपने गांव के प्राचीन गणेश मंदिर पहुंचे. मंदिर की सीढ़ी तक पहुंचने के लिए गांव वालों ने अपनी हथेलियों को ही जमीन पर रख दिया, जिस पर चल कर फौजी ने मंदिर में प्रवेश किया.

मिल गया सबसे बड़ा सम्मान
रिटायर्ड फौजी विजय बहादुर का कहना हैं कि उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी नौकरी की है. आज जब वह नौकरी से रिटायर होकर अपने गांव पहुंचे तो लोगों ने उन्हें अपनी हथेलियों पर चला कर जो सम्मान दिया है वह अपने आप में बहुत बड़ा सम्मान है. विजय बहादुर चाहते हैं कि अब रिटायर होने के बाद वे अपने गांव के उन युवाओं को प्रशिक्षण देंगे जो फौज में जाना चाहते हैं. वे चाहते है कि इस जस्बे से आने वाले समय में जब उनके गांव के फौजी रिटायर होकर आएंगे तो उनका स्वागत इस से भी भव्य किया जाएगा.

सीना चौड़ा हो गया
फौजी के पिता लालसिंह का कहना हैं कि आज जो स्वागत उनके बेटे का हुआ है उसे देख कर उनका सीना चौड़ा हो गया है, वे चाहते हैं कि गांव के ज्यादा से ज्यादा युवा फौज में भर्ती हो. बेटी की शादी की चिंता अब होगी खत्म, इस स्कीम से मिलेंगे 27 लाख रुपए, जानें पूरा प्लान

इन जगहों पर की देश की सुरक्षा
आपको बता दें कि जीरन के फौजी विजय बहादुर सिंह ने 17 साल 26 दिन की अपनी नौकरी में कारगिल, सियाचिन ग्लेशियर बटालिक ,जम्मू कश्मीर ,अरुणाचल प्रदेश, जयपुर व शिमला में अपनी देश सेवा दी. अब विजय बहादुर सिंह की दिली तमन्ना है कि उनके गाँव के उन युवाओं को फौज की प्रारंभिक ट्रेनिंग देंगे ताकि उन्हें फौज में भर्ती होने के अनुभव मिल सके.

source- Zeenews

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