22 साल की मनोरमा ने प्रधान बन बढ़ाया मान, पूनम शादी के मंडप से पहुंची जीत का सर्टिफिकेट लेने

New Delhi : पिछले ही साल स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद मनोरमा ने पॉलिटिक्स में जाने का फैसला किया। घरवालों ने शुरुआती न नुकुर के बाद सपोर्ट तो किया लेकिन अब पूरे समाज, गांव जवार ने मनोरमा को मुखिया बनाकर उसके फैसले को सही साबित ठहरा दिया है। मनोरमा की जीत से यह भी साफ हो गया है कि अगर नौजवान राजनीति में फैली गंदगी को साफ करने के लिये मैदान में उतरते हैं तो समाज भी उनका सपोर्ट करने को तैयार है। बात सिर्फ मनोरमा की ही नहीं है। इस बार उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनावी समर में कई युवा उतरे हैं और जीत का परचम फहराया है। कई प्रोफेशल भी इस बार मैदान में कूदे हैं। डाक्टर, वकील के साथ साथ कई एमएनसी में काम करनेवाले युवा भी नौकरी चाकरी को दावं पर लगाकर चुनावी समर में जुटे थे। परिणाम बता रहे हैं कि सबकुछ ठीक चल रहा है और आमजनों ने बढ़चढ़ कर युवाओं को सपोर्ट किया है।

<blockquote class=”twitter-tweet” data-width=”550″ data-dnt=”true”><p lang=”en” dir=”ltr”>Uttar Pradesh Panchayat Election 2021<br><br>Zila Panchyat Trends 12:40 PM<br><br>BJP – 491<br>SP – 364<br>BSP – 130<br>INC – 52<br>OTH – 499<br><br>1536/3050<a href=”https://twitter.com/hashtag/UPPanchayatElection2021?src=hash&ref_src=twsrctfw”>#UPPanchayatElection2021</a> <a href=”https://twitter.com/hashtag/UttarPradesh?src=hash&ref_src=twsrctfw”>#UttarPradesh</a> <a href=”https://t.co/bBV4541mBH”>pic.twitter.com/bBV4541mBH</a></p>— Dr. Navneet Singh Chandel (@dr_lambardaar) <a href=”https://twitter.com/dr_lambardaar/status/1389120979062886403?ref_src=twsrctfw”>May 3, 2021</a></blockquote><script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>

बहरहाल 22 साल की मनोरमा ने गोरखपुर के पिपइच के इमिलिया उर्फ विजहरा गांव से प्रधानी का चुनाव जीता है। यही नहीं उन्होंने पूरे इलाके को अपना संदेश भी दिया है कि उनका पूरा ध्यान क्षेत्र के विकास पर होगा। जो समय मिलेगा तो स्नातक के बाद अब वो अपनी पढ़ाई को बीएड की ओर ले जाना चाहती हैं और इसकी तैयारी में अपना टाइम देंगी। उन्होंने जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि उनका चुनाव लड़ने का मकसद ही अपने क्षेत्र में विकास करना था। उन्होंने कहा कि लोगों ने जो मुझे सम्मान दिया है उसकी मैं तहेदिल से आभार प्रकट करती हूं। उन्होंने कहा कि गांव और इलाके में जो विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं उसको पूरा करना है। सभी ग्रामीणों को पक्का छत दिलवाना है। उनके पिता अवधेश प्रसाद ने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। मेरा सीना चौड़ा कर दिया मेरी बेटी ने। मेरा मान बढ़ाया है।
इधर उत्तर प्रदेश में मतगणना के दौरान एक अजब वाकया भी देखने को मिला है। एक सजी सजाई दुल्हन ने मतगणना केंद्र पहुंचकर रिटर्निंग ऑफिसर से अपना प्रमाण पत्र हासिल किया। दुल्हन बीडीसी सदस्य के लिये चुनाव में खड़ी हुई थी। दरअसल, पूनम की शादी की रस्में चल रही थी, इसी बीच चुनाव में जीत की खबर भी आ गई तो दुल्हन अपने आपको रोक न सकी और उसने शादी की रस्म को बीच में ही रुकवा दिया और सीधे मतगणना स्थल अपनी जीत का सर्टिफिकेट लेने पहुंच गई। यह मामला रामपुर के मिलक तहसील के गांव मोहम्मदपुर जदीद का है। उनके पिता गंगाशरण ने बताया कि पूनम की शादी बरेली के शाही थानाक्षेत्र के बफरी में हो रही है। रविवार को शुरु हुये मतगणना में उन्हें 601 मत मिले। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी शंकुन्तला को 31 मतों से पराजित किया है।

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