मंत्री का तर्क- प्रति मिलियन आबादी के आधार पर मामलों और मौतों में भारत दुनिया में 110वें स्थान पर

New Delhi : कोरोना महामारी की दूसरी लहर को लेकर विपक्ष की तरफ से केंद्र सरकार पर जमकर आरोप लगाए जा रहे हैं। इस बीच भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष की जमकर आलोचना करते हुए जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर के बारे में पहले ही राज्य सरकारों को बता चुके हैं। पीएम मोदी की इस बैठक को ममता बनर्जी और भूपेश बघेल जैसे लोगों ने अनदेखा किया। केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर बताया है कि सच कुछ और है, जनता के बीच में कुछ और फैलाया जा रहा है। विपक्ष की तरफ से लगातार कहा जा रहा है कि मोदी या सरकार ने दूसरी लहर पर ध्यान नहीं दिया। इस आरोप पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 17 मार्च को 2021 को मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड की समीक्षा बैठक में पीएम मोदी ने राज्यों को दूसरी लहर के बारे में सचेत किया और उन्हें बिना देरी किए कदम उठाने के लिए कहा था। उस समय भारत में 30 हजार नए मामले थे।

विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि ‘मार्च 2021 में पीएम की चेतावनी के बारे में पहले ही बता चुके हैं। चुनाव में व्यस्त ममता बनर्जी और भूपेश बघेल जैसे लोगों ने पीएम की बैठक को नजरअंदाज किया। इसके अलावा मामलों में वृद्धि के बारे में 2021 के शुरुआती महीनों में राज्यों को कई सलाह और सूचनाएं भी भेजी गई थी।’ भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा मामलों को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा यूरोप और उत्तरी अमेरिका की जनसंख्या मिला दे तो भी भारत में ही अधिक लोग हैं इसलिए निश्चित तौर पर भारत में संख्या ज्यादा होना स्पष्ट है लेकिन प्रति मिलियन आबादी के आधार पर मामलों और मौतों में भारत दुनिया में 110वें स्थान पर है।
कई विपक्षी नेता आरोप लगा है कि मोदी की बंगाल रैली और कुंभ 2021 की वजह से कोरोना की दूसरी लहर आई है। इन आरोपों को खंडन करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि ‘किसान प्रदर्शन को नेताओं द्वारा बढ़ावा दिया गया है केरल और तमिलनाडु में राहुल गांधी द्वारा रैलियां की गई जो उन्होंने पुशअप्स किए, वो कोविड प्रूफ थे क्या? दूसरी लहर ने महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़ और पंजाब में तेजी पकड़ी। केरल की चुनावी रैलियां मुख्य रूप से कांग्रेस और वामदलों द्वारा की गई थी और बाकी अन्य राज्यों में कोई चुनाव या कुंभ नहीं हुआ नवीनतम आंकड़ों से यह पता चला कि किसान प्रदर्शन का केंद्र यानी पंजाब वास्तव में दूसरी लहर का मुख्य केंद्र था।’
उन्होंने कहा कि अब तक 17 करोड़ से अधिक भारतीयों को टीके लगाए जा चुके हैं विदेशों में भेजी गई टीकों की संख्या एक तिहाई है। अधिकांश खुराक गरीब देशों को टीके भेजने के लिए जीएवीआई के प्रयास का हिस्सा थी। केंद्र सरकार 50 फीसदी टीका खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त में दे रही है। टीका कंपनियों से राज्य सरकारें दाम को लेकर मोलभाव कर सकती है। ‘सरकार की तरफ से आंकड़ें नहीं छिपाए जा रहे हैं, राज्य सरकारों की तरफ जो आंकड़ें दिए जा रहे हैं, केंद्र सरकार उन्हीं को दिखा रही है। रही बात चिताओं की तो वह श्मशान घाटों पर वैसे भी देखने को मिलती हैं।’
उन्होंने कहा कि कुछ कहते हैं कि न्यूजीलैंड की तरह पीएम भारत में भी होती तो महामारी न फैलती। उन्हें नहीं पता कि न्यूजीलैंड की आबादी बेंगलुरु से भी कम है।

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