क्वीन कंगना बोलीं- इज़राइल की तरह भारत में भी सभी स्टूडेंट के लिए आर्मी में सेवा देना अनिवार्य करें

New Delhi : बॉलीवुड की ‘क्वीन’ कंगना रनौत का कुछ वक्त पहले ट्विटर अकाउंट सस्पेंड हो गया था, जिसके बाद से कंगना इंस्टाग्राम पर ज्यादा एक्टिव हो गई हैं। कंगना अक्सर इंस्टा स्टोरी पर अपनी बात रखती हैं। वहीं इस बार कंगना ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें पहले उन्होंने सभी को त्योहारों की बधाई दी है और फिर उसके बाद देश के मौजूदा हालातों पर अपनी राय रखी है। कंगना ने अपने वीडियो के कैप्शन में लिखा है- ‘वेक अप इंडिया।’ वीडियो की शुरुआत करते हुए कंगना कहती हैं, ‘नमस्ते दोस्तों, आज बहुत सारे त्योहार हैं। ईद मुबारक, अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती की बहुत शुभकामनाएं। दुनिया इस समय कई परेशानियों से जूझ रही हैं। चाहें वह कोरोना हो या दो देशों के बीच लड़ाई हो। मुझे लगता है कि अच्छे वक्त में संयम नहीं खोना चाहिए और बुरे वक्त में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। हमें इस सब से क्या सीख मिल रही है, हम क्या सीख रहे हैं? उदाहरण के तौर पर आप इज़राइल को ही ले लीजिए, मात्र कुछ लाख लोग हैं उस देश में लेकिन छह-सात देश भी उनपर एक साथ अटैक कर देते हैं तो वो सबको लोहे के चने चबवा देते हैं।’

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वीडियो में कंगना आगे कहती हैं, ‘जिस हिम्मत से वो आतंकवाद का सामना कर रहे हैं पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गए हैं। ऐसा क्या है उस देश में? ऑपोजिशन…. वो तो वहां भी है लेकिन वो युद्ध के बीच में खडे़ होकर यह नहीं कह रहा है कि कहां तुमने स्ट्राइक की, हमने तो नहीं देखा, वो ऐसी गंदगी नहीं फैलाते हैं। उस देश पर कोई भी आपदा आए… चाहें किसी ने हमला किया हो या महामारी….कुछ भी आए.. वो लोग डटकर सामना करते हैं। कुछ लोग जैसे बंदर- मदारी का तमाशा देखते हैं, साइड में खड़े होकर, और उम्मीद करते हैं कि गिरें और वो इस चीज का भी तमाशा देखें, वो वैसे तमाशा नहीं देखते हैं।’
‘अब जैसे हमने कोरोना काल में ही देखा की एक सड़क किनारे ऑक्सीजन ले रही एक बुजुर्ग महिला की फोटो वायरल हो रही है।उस तस्वीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भुनाया गया जबकि यह इस दौरान की है भी नहीं। आजकल जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें गंगा किनारे लाशें तैर रही हैं वो भारत की है ही नहीं बल्कि नाइजीरिया की हैं। यहां के लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं, अपनी ही पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। ये जो लोग ऐसी हिंसा फैलाते हैं ये किसी धर्म विशेष के नहीं बल्कि हर जगह पाए जाते हैं। घुसपैठियों को मिलाकर हम करीब 150 करोड़ हो गए हैं, लेकिन बहुत कम लोग काम के हैं। क्या हमें कुछ करना नहीं चाहिए?’
‘मेरी भारत सरकार से गुजारिश है कि इज़राइल की तरह यहां भी हर स्टूडेंट के लिए आर्मी में सेवा देना अनिवार्य कर दें। हम भी करना चाहते हैं, हम भी करेंगे। जिस भी धर्म की किताब में लिखा है कि उसी धर्म के लोग आपके अपने हैं… केवल वही इंसान हैं बाकी सब गाजर मूलियां हैं, उसको निकालिए उन किताबों में से। चाहें आप किसी भी धर्म के हैं चाहें जैन, इस्लाम, सिख, आपके लिए सर्वोपरि धर्म होना चाहिए भारतीयता का। हमारा-आपका जो संबंध है देश के नागरिक होने का वह सर्वोपरि होना चाहिए, इंसानियत का नाता सर्वोपरि होना चाहिए। किसी भी बात में लिखी ये कोई बात मायने नहीं रखती है क्या? हम भारतीय एक-दूसरे के लिए मायने रखते हैं, जब हम आगे बढ़ेंगे तब देश आगे बढ़ेगा। जय हिंद।’ (Input : LiveHindustan)

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