सन माइक्रोसिस्टम के मालिक विनोद खोसला ने मदद का हाथ बढ़ाया, 10 मिलियन डॉलर कोरोना के लिए दान किये

New Delhi : भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन और सन माइक्रोसिस्टम्स (Sun Microsystems) के सह-संस्थापक, विनोद खोसला ने शुक्रवार को एक न्यूज चैनल से बात करते हुये कहा कि उन्होंने भारत में कोरोना महामारी के लिये 10 मिलियन डॉलर दान में दिया है। इस दौरान उन्होंने दान में दिये 10 मिलियन डॉलर के बारे में विस्तार से बात की। दान की यह राशि उन्होंने GiveIndia नाम के संगठन को दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे संगठन कोरोना लड़ाई में भारत के लिए आवश्यक रसद की खरीद की दिशा में काम कर रहा है।
भारत में दूसरी लहर की अभूतपूर्व गति पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा- मेरा दिल्ली में परिवार है, छह हफ्ते पहले उन्होंने सोचा था कि कोरोना खत्म हो गया है, क्योंकि मामले बहुत कम थे। फिर अचानक से कोरोना मामलों में विस्फोट हुआ।

इसके बाद भयावह स्थिति नजर आई। अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी आ गई। इस महामारी में न केवल एक भारतीय, बल्कि कोई भी वैश्विक नागरिक भी मदद करने के लिए जितना संभव हो सके उतना करने की कोशिश करेगा। मैंने एक साल पहले GiveIndia के साथ काम करना शुरू किया था और वे भारत में काम करने की क्षमताओं के साथ एक अच्छा संगठन है। इसमें कई एनजीओ हैं। यह सिर्फ पैसा नहीं है, यह सिर्फ पैसों के लिए नहीं है, ये आपूर्ति का स्रोत है। अप्रैल के अंत में, यहां तक ​​कि कंसंट्रेटर खोजना कठिन था। लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। आपको सप्ताह में नहीं बल्कि एक दिन में फ्लाइट की व्यवस्था करनी थी। कौन इसे बांटेगा, कौन इसे भारत में आने के बाद आवंटित करेगा। गिव इंडिया शानदार काम कर रहा है।
खोसला वेंचर्स के संस्थापक ने न्यूज चैनल से बात करते हुए बताया – गिवइंडिया ने ओला कार के साथ हाथ मिलाया है और एक केंद्रीय बैंक के साथ मुफ्त में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्रदान कर रहा हैं। गिव इंडिया क्वारंटाइन के लिए ओयो के साथ मिलकर कमरे दे रहा है। लोगों को रसद सप्लाई प्राप्त करने की दिशा में, आपूर्ति प्राप्त करने में मदद करने के लिए अमेज़ॅन भी काम कर रहा है। हर किसी को जितना हो सके उतना करना होगा। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा अंतर टीकाकरण की दर है। पश्चिमी देश जल्दी से टीके खरीदने में सक्षम थे क्योंकि उनके पास पर्याप्त धन था। लेकिन हमें टीकाकरण में तेजी लाने की जरूरत है। इसके अलावा, आप क्या कर रहे हैं- मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना मायने रखता है।
विनोद खोसला ने कहा – अल्पकालिक हमें ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति प्राप्त करने की आवश्यकता है, वहां पर्याप्त आपूर्ति नहीं है। अगला कदम टीकाकरण जैसे दीर्घकालिक निवारक उपाय करना है। लोगों को इसके साथ धैर्य रखना होगा, इसे धीरे-धीरे होने की आवश्यकता है। लंबे समय तक- टर्म में हमें निगरानी उपायों को लगाने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय लॉकडाउन मदद करेगा लेकिन यह आसान नहीं है क्योंकि लोगों को खुद को खिलाने के लिए नौकरियों की आवश्यकता है। यह एक आसान निर्णय नहीं है, लेकिन यह मदद करेगा। (Input : Republic Bharat)

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