शरतचंद्र चटोपाध्याय का उपन्यास ‘देवदास’ जिस पर बनी सबसे ज्यादा फिल्में..

New Delhi: निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म devdas जिसे आज 17 साल पूरे हो गए लेकिन यह हमेशा खास रहेगी। दर्शक आज भी पारो और देवदास की जोड़ी को नहीं भूल पाए हैं। वहीं चंद्रमुखी के रूप में माधुरी के किरदार को भला कौन भूल सकता है।

2002 में बनी सुपरहिट फिल्म ‘देवदास’ आज के दिन ही रिलीज हुई थी। उस समय ये बॉलीवुड की सबसे अधिक बजट वाली फिल्म थी। इसे हिन्दी के साथ साथ 6 अन्य भाषाओं में भी दिखाया गया। जिसमें अंग्रेजी़, गुजराती, फ्रांसीसी, मंदारिन, थाई और पंजाबी शामिल है।

फिल्म का एक-एक सीन और एक-एक दृश्य इतना दमदार था कि लोग आज भी उसे नहीं भूले हैं।इस फिल्म में ऐश्वर्य राय बच्चन को पारो और माधुरी दीक्षित को चंद्रमुखी के किरदार में देखा गया था। फिल्म में शाहरुख देवदास की भूमिका में थे।

शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने साल 1917 में  ‘देवदास’  नाम का  उपन्यास लिखा। तब वे खुद 17 साल के थे। इसके बाद उनके इस उपन्यास के आधार पर निर्माताओं ने अपने- अपने विचार और कल्पना के आधार पर ‘देवदास’ को बनाया। लेकिन ज्यादातर लोग दो बार बनी देवदास को ही जानते है। एक दिलीप कुनार की 1955 में बनी  देवदास  और 2002 में बनी शाहरुख वाली देवदास।

लेकिन क्या आपको मालूम है कि  शरतचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1917 में लिखे इस उपन्यास में अबतक 8 बार देवदास को बनाया गया है।

1.पहली बार नरेश सी मित्रा ने. सन् था 1928 को इस उपन्यास को सिनेमा का रूप दिया,जोकि साइलेंट मूवी थी। इसमें फानी बर्मा ने देवदास की भूमिका निभाई थी।

2.इसके बाद दूसरी बार साल 1935 में पी.सी.बरुआ ने देवदास को बनाया भी और इसकी भूमिका भी निभाई थी।

3.तीसरी बार देवदास को तमिल और तेलुगू में देवदासु  बनाया गया।

4. और इसके बाद बनी 1955 में दिलीप कुमार , सुचित्रा सेन और वैजयंती माला वाली देवदास। सुचित्रा सेन ने   पारो के रोल के साथ  बॉलीवुड डेब्यू किया था।

5. वैसे तो  शरतचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा देवदास के उपन्यास को बंगाली भाषा में लिखा गया था लेकिन कई भाषाों में फिल्म बनने के बाद  1965 में उर्दू में भी  इसी नाम से फिल्म बनाई गई थी।

6.इसके बाद साल 1979 में बंगाली भाषा में  दिलीप रॉय ने इसे बनाया।

7.साल 2002 में देवदास दो बार बनी। पहली बंगाली भाषा में और दूसरी हिंदी भाषा में। आराधना, अमर प्रेम, कटी पतंग और कश्मीर की कली जैसी मशहूर हिंदी फिल्में बनाने वाले शक्ति सामंत ने सन् 2002 में बंगाली में फिर एक बार देवदास बनाई।

8. वहींं 2002 में ही संजय लीला भंसाली ने भी देवदास बनाई। इसमें शाहरुख ने जहां देवदास की भूमिका निभाई थी, वहीं ऐश्वर्या राय फिल्म में पारो के किरदार में थीं।माधुरी दीक्षित ने चंद्रमुखी का रोल निभाया था ।

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निर्देशक संजय लीला भंसाली की 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘देवदास’  जो बचपन से ही पारो से प्यार करता है। घरवालों से अपनी प्रेमिका के साथ शादी करने की इजाजत न मिलने पर वह घर छोड़कर चला जाता है और चंद्रमुखी के पास पहुंचता है।

आज इस फिल्म ने अपने 17 साल पूरे कर लिए हैं। भले ही फिल्म कितनी बार और कितनी ही भाषा में बनी हो लेकिन देवदास,पारो और चंद्रमुखी ने हमेशा शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास को जीवित रखा।