ना इजहार ना तकरार, पहली नजर में प्यार कुछ ऐसी जेनेलिया और रितेश की कहानी

New Delhi : एक लड़की जो अपनी क्यूटनेस और ब्यूटी के लिए जानी जाती है। जिसका नाम आते ही चुलबुली लड़की जेहन में उभरती है। 5 अगस्त को मुंबई में मंग्लोरियाई कैथोलिक परिवार में जन्मी,  उसकी परवरिश एक रोमन कैथोलिक के रूप में बांद्रा में हुई। मात्र 15 वर्ष की उम्र में माॅडलिंग करने वाली लड़की, घर में प्यार से जीनु कहकर पुकारी जाने वाली। अब तो शायद आप जान गए होंगे कि हम किसकी बात कर रहें हैं। जी हाँ, हम बात कर रहें हैं जेनेलिया डिसूज़ा की। दरअसल आज इस खूबसूरत एक्ट्रेस का जन्मदिन है। एकट्रेस आज अपना 32 वां जन्मदिन मना रहीं हैं। आइए जानते हैं, इनसे जुड़ी हुई खास बातें।

जेनेलिया डिसूज़ा का जन्म मंग्लोरियाई कैथोलिक परिवार में 5 अगस्त 1987 को मंबई में हुआ। उनके नाम जेनेलिया के मायने ‘मुश्किल से पाई जाने वाली’। डिसूज़ा ने अपनी पढ़ाई अपोस्टोलिक कारमेल हाई स्कूल, बांद्रा से पूरी की है।  उसके बाद में वह मैनेजमेंट शिक्षा में उपाधि हासिल करने के लिए सेंट ऐंड्रूज़ कॉलेज चली गई। जेनेलिया एक मल्टी टैलेंटिड लड़की है। जेनेलिया सिर्फ पढ़ाई में ही नही बल्कि खेलकूद में भी होनहार थी। वह स्टेट लेवल पर धावक और राष्ट्रीय लेवल पर फुटबाॅल प्लेयर रही। लेकिन उनके चेहरे की खूबसूरती उन्हें माॅडलिंग की तरफ ले आई।

उनका पालन पोषण एक रोमन कैथोलिक के रूप में बांद्रा में हुआ। उनकी माँ जेनेट डिसूज़ा एक बहुराष्ट्रीय फार्मा कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर है। बेटी के करियर की चिंता को लेकर उन्होंने 2004 में अपनी नौकरी छोड़ दी थी। वह जेनेलिया के करियर में सहायता करना चाहती थी। उनका सपना अपनी बेटी को ऊचांइयों पर पहुंचाना था। वहीं उनके पिता नील डिसूज़ा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में एक उच्चाधिकारी है। जेनेलिया का नाइजल डिसूज़ा नाम का एक छोटा भाई है, जो मुंबई शेयर बाजार में कार्य करता है।

डिसूज़ा एक शादी में गईं जहाँ पर उन्हें माडलिंग करने का ऑफर मिला। उनका चुनाव पार्कर पेन के विज्ञापन में अमिताभ बच्चन के साथ किया गया। जो उन्हें परीक्षा से दो दिन पहले करना था। शुरुआत में परीक्षा के चलते उन्होंने मना कर दिया। लेकिन उसके बाद निर्देशक ने उन्हें विज्ञापन का प्रदर्शन करने के लिए राजी कर लिया। उन्होंने यह विज्ञापन किया ही नही बल्कि इसमें बड़ी प्रसिद्धि भी प्राप्त की। उन्होंने बाद में फ़ेयर एंड लवली 2003 क्रिकेट विश्वकप के विज्ञापन में कृष्णामाचारी श्रीकांत के साथ अभिनय किया।

जेनेलिया ने उसके हाद बहुत सारी भारतीय भाषा की फिल्मो में काम किया । उन्होंने तमिल, तेलुगु, हिंदी, कन्नडा जैसे फिल्मो में काम किया है। साल 2003 में जेनेलिया ने बॉलीवुड फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ से इंडस्ट्री में कदम रखा था। उस फिल्म वो रितेश देशमुख के साथ मुख्य किरदार निभाते हुए नजर आईं थी।

उस फ़िल्म के कारण वो फ़िल्म जगत में बहुत मशहूर हो गयी गई थी। उसके बाद उन्होंने फिल्म जाने तू या जाने ना, चांस पे डांस, फोर्स, तेरे नाल लव हो गया और जय हो जैसी कई बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। जेनेलिया ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी कई फिल्में की हैं। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें सर्वश्रेष्ठ फीमेल डेब्यू सिनेमा पुरस्कार मिल चुका है। प्रादेशिक भाषा में अच्छा प्रदर्शन के लिए उन्हें आईआईएफए (IIFA) पुरस्कार भी मिल चुका है।

अगर हम उनके पारिवारिक जीवन की बात करें तो जेनेलिया और रितेश देशमुख की मुलाकात हैदराबाद एयरपोर्ट पर हुई। मौका था फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ को बनाना। फ़िल्म की शूटिंग के दौरान दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। दोस्ती इतनी गहरी हुई कि वह प्यार में तबदील हो गई। लेकिन दोनों ने कभी एक दूसरे से प्यार का इजहार नही किया। 9 साल एक दूसरे को डेट करने के बाद शादी करने के लिए सोचा। लेकिन रितेश के पिताजी उस समय महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री थे। उन्होंने उनके इस रिश्ते से इंकार कर दिया था।

आखिरकार 3 फरवरी 2012 रितेश और जेनेलिया ने मराठी परंपरा के अनुसार शादी कर ली। उनकी शादी पूरी तरह से हिन्दू धर्म के अनुसार ही हुई। लेकिन उसके अगले दिन ही उन्होंने चर्च के लोगों की तरह शादी कर ली। अब एक्ट्रेस दो बेटों की माँ बन चुकी है। जिनमें एक नाम रियान और दूसरे का राहिल हैं। आज या कपल अपनी जिंदगी के सबसे हसीन पल का आनंद ले रहें हैं।