भारत में बनेगी स्‍केटबोर्डिंग पर पहली फीचर फिल्म, सांभा बेटियां बॉलीवुड में करेंगी डेब्यू

New Delhi:  अरे ओ सांबा कितने का ईनाम रखी है सरकार हमपर, सांबा कहता है, सरदार पूरे 50 हजार। ये पूरे 50 हजार मात्र तीन शब्द ऐसे थे जिन्होंने सांबा का किरदार निभा रहे मैक मोहन को अमर कर दिया। मैक मोहन का परिवार लाइम लाइट से दूर रहता है लेकिन बॉलीवुड में अपनी पकड़ बनाए हुए है। उनकी दोनों बेटियां मंजरी और विनती स्केट बोर्डिंग पर आधारित भारत की पहली फीचर फिल्म ला रही हैं। ये फिल्म राजस्थान के एक गांव खेमपुर की पृष्ठभूमि पर आधारित होगी। इसका नाम Desert Dolphin होगा।
कौन है मंजरी और विनती
1975 में आई फिल्म शोले में ‘सांभा’ का किरदार निभाने वाले मैक मोहन की दोनों बेटियों का नाम मंजरी और विनती है। मंजरी ‘राइटर और डायरेक्टर’ हैं वहीं उसकी बहन विनती ‘को-राइटर-प्रोड्यूसर है’। दोनों पहली बार भारत में स्केट बोर्डिंग की पृष्ठभूमि पर एक फीचर फिल्म बनाने वाली हैं।यह फिल्म महिला सशक्तिकरण पर बन रही है।
मंजरी ने क्रिस्‍टोफ नोलन के साथ डनकिर्क और द डार्क नाइट राइजेस, पेटी जेनकिंस के साथ वंडर वुमन और विशाल भारद्वाज के साथ सात खून माफ में काम किया है। इसके अलावा उन्‍होंने मिशन इम्‍पॉसिबल, वेक अप सिड और गांधी ऑफ द मंथ जैसे प्रॉजेक्‍ट्स पर काम किया है।
वहीं विनती इस फिल्म को लेकर कहती हैं-”ऑडिशन के दौरान हम भारत की स्‍केटबोर्डिंग कम्‍युनिटीज के पास पहुंचे। मैं मध्‍य प्रदेश, दिल्‍ली, राजस्‍थान व मुंबई के गांवों में गई और 3000 से ज्‍यादा बच्‍चों के साथ कुछ दिनों तक वर्कशॉप की।”
जाने मैक मोहन यानि सांभा के बारे में 
मैक मोहन का असली नाम  मोहन माखीजानी था लेकिन वह फिल्म शोले के सांभा नाम सेे अधिक प्रचलित हुए। मैक मोहन ने शर्त,मोर्चा,ईमान धर्म, शोले .सलाखें जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया। रमेश सिप्‍पी की फिल्‍म ‘शोले’  में सांभा का किरदार इतना हिट हुआ कि आज तक लोगों के जुंबा पर यह नाम कायम है।  इस फिल्म में ऐसे कई डायलॉग थे जो काफी पॉपुलर हुए जिनमें
‘अरे ओ सांभा’, ‘सांभा होली कब है’, ‘कितने आदमी थे’ जैसे डायलॉग आजतक पुराने नहीं हो सके।