एक ही फिल्म में निभाए थे नौ किरदार, कई बार हुआ प्यार लेकिन अधूरा ही रहा

New Delhi : बॉलीवुड के ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने अपने अभिनय से हर किरदार में जान डाल दी। बेहद कम उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गए। ऐसा स‍ितारा ज‍िसने 25 साल के फ‍िल्‍मी कर‍ियर में 50 से अध‍िक शानदार फ‍िल्‍मों में काम क‍िया। उसका आज जन्‍मद‍िन है। ज्‍यादा पुरानी बात न करें, तो उन्‍हें शोले के ठाकुर के रूप में जाना जाता है।

जी हाँ हम बात कर रहें हैं अभिनेता संजीव कुमार की। 9 जुलाई 1938 को गुजरात के सूरत में पैदा हुए संजीव कुमार का असली नाम हरिहर जरीवाला था। फ‍िल्‍मों में अभिनय की चाहत जब मुंबई खींच लाई तो वह संजीव कुमार हो गए। आज संजीव कुमार के जन्मदिन पर हम उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारी को जाने…

शादी न करने की वजह

संजीव कुमार ने साल 1960 से लेकर 1984 तक फिल्मों में काम किया। उन्होंने कभी शादी नहीं की हालांकि प्यार उन्हें कई बार हुआ। ये बात उस जमाने में बहुत मशहूर रही कि संजीव कुमार ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी से शादी करना चाहते थे। लेकिन हेमा मालिनी अपना दिल उस जमाने के मशहूर ऐक्‍टर धमेंद्र को दे चुकी थी।  हालांकि एक बार संजीव कुमार ने गुलजार साहब को शादी न करने की वजह बताई थी।

उनकी शादी ना करने के पीछे भी एक बहुत बड़ा अंधविश्वास था। उनके परिवार में बड़े बेटे के 10 साल होने पर पिता की मृत्यु हो जाती थी। उनका कहना था कि तो शादी करके किसी की जिंदगी क्‍यों खराब की जाये। उनके पिता और भाई के साथ भी यही हुआ और परिवार के अन्य लोगों के साथ भी यही हुआ। इसलिए संजीव ने शादी नहीं करने का फैसला किया। संजीव ने अपने भाई की मृत्यू बाद उनके बेटे को गोद जरूर ले लिया था। मगर उस बच्चे के 10 साल के होते ही संजीव कुमार की भी मृत्यु हो गई।

करियर की शुरुआत

कर‍ियर की शुरुआत करने के ल‍िए संजीव कुमार रंगमंच से जुड़े। उन्होंने फि‍ल्मालय के एक्टिंग स्कूल में एडम‍िशन ले ल‍िया। वर्ष 1960 में उन्हें फि‍ल्मालय बैनर तले बन रही फ‍िल्‍म ‘हम हिन्दुस्तानी’ में छोटा सा रोल न‍िभाने का मौका म‍िला। उसके बाद संजीव कुमार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने ह‍िंदी स‍िनेमा को ऐसी फ‍िल्‍में सौंपी जो आज भी खूब देखी और पसंद की जाती हैं।

उन्होंने स्मगलर, पति-पत्नी, हुस्न और इश्क, बादल, नौनिहाल और गुनहगार फ‍िल्‍म में काम क‍िया। उन्होने गुलजार के साथ कुल 9 फ़िल्में कीं जिनमे आंधी (1975), मौसम (1975), अंगूर (1982), नमकीन (1982) प्रमुख है। सलीम खान की फ‍िल्म त्रिशूल में संजीव कुमार ने अपने हम उम्र के अभ‍िनेता अमिताभ बच्चन और शशि कपूर के पिता की भूमिका निभाई थी। ये भूम‍िका उन्‍होंने इतनी खूबसूरती से निभायी कि वो ही मेन हीरो मान ल‍िए गए।

यादगार है कुछ किरदार

संजीव कुमार ने वैसे तो अपनी हर फिल्म के हर एक रोल को बेहतरीन तरीके निभाया है। उन्होंने ‘नया दिन नयी रात’ फिल्म में नौ रोल किये थे। वहीं ‘कोशिश’ फिल्म में उन्होंने गूंगे बहरे व्यक्ति का शानदार अभिनय किया था। ‘शोले’ फिल्म में ठाकुर का चरित्र उनके अभिनय से अमर हो गया। संजीव कुमार ने अपने एक्‍ट‍िंग के हुनर से न स‍िर्फ दर्शकों को हैरान क‍िया बल्‍क‍ि स‍िनेमा के द‍िग्‍गजों को भी सकते में डाल द‍िया।

सर्वक्षेष्ठ अभिनेता पुरस्कार विजेता

संजीव कुमार को उनके शानदार अभिनय के लिए दो बार फिल्‍म फेयर पुरस्‍कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था। जिसमें साल 1970 और 1976 में प्रदर्शित फि‍ल्म ‘दस्तक’ , ‘अर्जुन पंडित’ में उनके लाजवाब अभिनय के लिये उन्‍हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। वहीं साल 1968 और 1975 में प्रदर्शित फि‍ल्म ‘शिकार’, आंधी के लिए फिल्‍म फेयर पुरस्‍कार दिया गया था।

आखिरी वक्त

संजीव कुमार ने 6 नवंबर 1985 को 47 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। हृदय गति के रुक जाने से सिनेमा जगत का एक चमकते सितारे का अंत हो गया। जिंदगी और फिल्‍मों को जिस संजीदगी से संजीव कुमार जीते थे सभी उसके दीवाने थे। ऐसे अभिनेता बार बार नहीं पैदा होते है। सिनेमा जगत में संजीव कुमार नाम नहीं एक पहचान है। जिनका अभिनय आज भी करोड़ो लोगों के दिल में राज करता है