शर्मिला के पहली बार बिकनी पहनने पर मचा था बवाल, छूट गए थे पसीने,रातों-रात हटाने पड़े थे पोस्टर

New Delhi: अपने जमाने में अराधना’, ‘अमर प्रेम’, ‘कश्मीर की कली’ जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय करने वाली शर्मिला टैगोर का जन्म 8 दिसम्बर, 1946 को हैदराबाद में हुआ था। अपने जमाने की काफी बोल्ड एक्ट्रेस रही शर्मिला का जन्म एक हिन्दू बंगाली परिवार में हुआ था। एक्टिंग में अपना करियर बनाने वाली शर्मिला टैगोर ने कई हिट फिल्में दी हैं।  बता दें शर्मिला ने करियर की शरुआत सत्यजीत रे की फिल्म ‘अपुर संसार’ से की थी, जो की बंगाली में थी। इस फिल्म में उनके अभिनय की बहुत सराहना की गई थी।

1964 में उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘कश्मीर की कली’ आई, जिसमें उनका अभिनय देख हर तरफ उनकी तारीफ होने लगीं। फिल्म ‘एन इवनिंग इन पेरिस’ में पहली बार शर्मिला ने बिकिनी सीन किया। बता दें, बॉलीवुड में बिकिनी पहनने वाली शर्मिला पहली एक्ट्रेस हैं। फिल्म में बिकिनी सीन देकर उन्होंने बॉलीवुड में तहलका मचा दिया। 1968 में शर्मिला का एक और बिकिनी शूट सामने आया जो उन्होंने ग्लोसी फिल्म फेयर मैगजीन के लिए कराया था।

वहीं आप सोच सकते हैं आज से लगभग 40-50 साल पहले अगर किसी एक्ट्रेस ने बिकनी पहना हो था क्या होगा। लेकिन दरअसल हुआ तो कुछ नहीं था बस इससे जुड़ा एक किस्सा है, जिसने उनके पसीने छुड़ा दिए थे। दरअसल, ये बात उस समय की है जब उनका मंसूर अली खान पटौदी से अफेयर हुआ करता था। उन्हीं दिनों में वह फिल्म में अपने बिकिनी को लेकर हर तरफ छाई हुईं थीं। मुंबई में जगह-जगह बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हुए थे जिनमें शर्मिला बिकिनी पहने हुए थीं, तभी एक दिन शर्मिला को पता चला कि मंसूर अली खान पटौदी की मां उनसे मिलने मुंबई आ रही हैं। अब शर्मिला टैगोर के तो होश ही उड़ गए।

मंसूर की मां को मिलने से ज्यादा शर्मिला टैगोर इस बात को लेकर चिंता में थी की अगर उनकी मां ने उन्हें बिकिनी वाले होर्डिंग देख लिया तो क्या होगा? कहीं वो उन्हें रिजेक्ट ना कर दें.. क्या वो अपने बेटे से शर्मिला की शादी होने देंगी ? इन तमाम सवालों से शर्मिला बेहद परेशान हो गईं। जिसके बाद शर्मिला को कुछ समझ नहीं आ रहा था। हालांकि मंसूर अली खान पटौदी को शर्मिला के उन बिकिनी पोस्टर्स से कोई आपत्ति नहीं थी क्योंकि वो शर्मिला के प्रोफेशन की जरूरतों को समझते थे।

शर्मिला को जब कुछ नहीं सूझा तो उन्होंने अपनी उस फिल्म के प्रोड्यूसर को फोन किया और मुंबई की हर जगह से अपनी बिकिनी वाले पोस्टर हटवा दिए। देखा जाए तो शर्मिला टैगोर ने अपने और मंसूर अली खान के रिश्ते को बचाने की हर संभव कोशिश की और इसमें वो कामयाब भी रहीं। फिल्म इंडस्ट्री के पूरे सफर में उन्हें अपने बेहतरीन अभिनय के लिए दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दो बार फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। भारतीय सिनेमा में अहम योगदान देने के अलावा वह सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

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